April 10, 2008 by lovelykumari
वर्डप्रेस वालों की महिमा अपरम्पार है!
कुछ तकनीकी खराबियों और टेम्प्लेट की खामियों के कारण मुझे HTML सीरिज दर्पण से संचिका मे स्थानांतरित करनी पड़ रही है.यहाँ तक की कुछ ब्लोग्गरों की टिप्पणियों को भी वर्डप्रेस वालों ने स्पेम मे डाल दिया जिसके कारण मैं उनका जवाब भी नही दे पाई. आशा है आप मुझे इन समस्याओं के लिए क्षमा कर देंगे.मुझे अगर इन बातों का पता होता तो मैं वर्डप्रेस मे ब्लॉग कभी नही बनाती.. खैर आपको जो समस्या होगी उसके लिए अकेली मैं जिम्मेदार नही. वैसे मैंने ठीक करने की काफी कोशिश भी की पर परिणाम वही ठाक के तीन पात लेटेस्ट अपडेट के लिए अब आपको संचिका मे जाना होगा लिंक यह है http://sanchika.blogspot.com/.एक बार फिर माफ़ी चाहती हूँ
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April 9, 2008 by lovelykumari
अगर वेब पेज मे लिस्ट लगानी हो तो इसके लिए २ तरह के tags इस्तेमाल करने पड़ते हैं.
१. unordered lists tag -> <ul></ul>
२.ordered lists tag -> <ol></ol>
पहले मैं <ul> टैग के बारे मे बताती हूँ.यह तब इस्तेमाल होता है जब बिना नम्बर वाली लिस्ट बनानी हो.उदाहरण देखें
<html>
<head><title>list</title></head>
<body>
<h3>chapter 1</h3>
<p>
<ul>
<li>section 1</li>
<li>section 2</li>
<li>section 3</li>
</ul>
</p>
</body>
</html>
इसका मतलब यह हुआ की जिन आइटम्स की लिस्ट बनानी हैं उसे <ul> टैग से indicate कर <li></li> टैग के अन्दर डालते जाइये.डिफाल्ट मे बुलेट आता है पर आप इसे change कर सकते हैं, इसके लिए आपको टाइप attribute का इस्तेमाल करना होगा.टाइप attribute के ३ possible values निचे दिए गए हैं.
1.disc.
2.square.
3.circle.
अगली बार मैं ordered lists tag के बारे मे बताउंगी आपकी प्रोग्रेस बतातें रहें.
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April 6, 2008 by lovelykumari
मेरी कविता “औरतें” (देखने के लिए यहाँ क्लीक करें) पर मिली टिप्पणियों के परिपेछ्य मे मैं आप सब से कुछ कहना चाहूंगी. कहीं पढा था सीधी सच्ची बिना लाग-लपेट के दिल से कही गयी बात बिना अवरोध के दूसरो के दिलों तक पहुंचती है,अगर यह बात सच है तो मेरी बातें भी आपके दिलों तक पहुंचेगी.
मुझे कहना है की मेरी इतनी हिम्मत कहाँ की नारी विमर्श पर लिख सकूं,देश प्यारा नही क्या कहीं छोड़ना पड़ा तो कहाँ जायेंगे? तसलीमा नसरीन के पास तो पर्याप्त मात्रा मे पैसा था बाहर जाकर रहने के लिए, गोया मेरे पास क्या है.साधारण दिनचर्या के साथ जीने वाले साधारण इंसानों की केटेगरी मे आने वाले लोगों मे शामिल हूँ मैं. हमारे यहाँ बस कहने के लिए अभिव्यक्ति की आजादी है सच मे कितनी है यह बताने की जरूरत नही है क्योंकि इसका जवाब हम सब जानते हैं.भगवन बचाये ऐसी अभिव्यक्ति से जो जीना हराम कर दे, घर बार छुडा दे.ऐसे मे हम बिना सच कहे ही ठीक है.हाँ पर कोशिश जरुर करूंगी उस मौन क्रांति की गवाह बनने की जो आज नारी मन मे दिन प्रति दिन आकार ले रही है.यह तभी अपने पूरे आयामों के साथ बाहर आ सकती है जब इसे समाज के हर वर्ग का सहयोग मिलेगा,मगर ऐसा होने के आसार कम ही हैं क्योंकि अधिकांश पुरूष नारीवाद और नारिवादियों को अपना चिरकालिक दुश्मन समझतें हैं.हमे एक ऐसी व्यवस्था चाहिए जो हमारे लिए सुरछित हो किसी और को असुरछित करना हमारा ल्छ्य नही.पर ऐसा होने मे अभी बहुत वक्त है.मैं क्या शायद मेरी आने वाली पिढिया भी उस सपने के साकार होता हुआ न देख सके.
लेकिन फ़िर भी नारी-मन से यही दुवा निकलती है की, “अगले जन्म मोहे बिटिया ही कीजो” कारन साफ है हर बार मैं उस आन्दोलन की गवाह रहना चाहती हूँ.और आशा करती हूँ मेरे साथ हर वह इन्शान जो नारी का या ऐसे कहें की मनुष्यता का सम्मान करता है इस क्रांति के मार्ग मे आए अवरोधों को दूर करने मे सहयता करेगा.
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April 5, 2008 by lovelykumari
देरी के लिए माफ़ी चाहती हूँ.यहाँ आंधी के कारन कुछ बिजली के तारों मे पेड़ की डालियाँ गिर गयी थी.अब बिजली दुरुस्त हुयी तो कंप्यूटर चला.तो आज हम font टैग के बारे मे जानेंगे.यह शब्दों की फोर्मेटिंग मे मदद करता है.इसके महत्वपूर्ण attribute हैं
१. face-> यह शब्दों को specified font name पर set करता है
२. size-> यह शब्दों का आकर बदलता है.
३.color ->यह शब्दों का रंग बदलता है.
eg.
<p><font size=”2″ face=”Verdana”>
This is a paragraph.</font></p><p><font size=”3″ face=”Times”>This is another paragraph.</font></p>
वैसे अब body या font टैग मे attribute का इस्तेमाल करना प्रागैतिहासिक तरीका माना जाता है.और आज के युग मे हम इसके लिए स्टाइल शीट का इस्तेमाल करते हैं..टेक्स्ट फोर्मेटिंग से संबंधित कुछ और टैग निम्नलिखित हैं.
1. boldface -> <b>text</b>
2. italics -> <i>text</i>
3.underline -> <u>text</u>
4.quote element -> <q> text </q>
5. subcript -><sub>text</sub>
6. superscript -><sup>text</sup>.
इनका इस्तेमाल करके देखिये.फ़िर आगे के टैग्स देखेंगे.
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April 2, 2008 by lovelykumari
किन्ही के पास इस्मत चुगतई और ओ. हेनरी(हिन्दी मे) की कहानियों का लिंक हो तो बताएं. इस्मत चुगतई की “लाजो” और “लिहाफ” मैंने पढ़ी है.ओ हेनरी की “द गिफ्ट ऑफ़ मेगी” और “द लास्ट लीफ” भी इनको छोड़कर, हेनरी की इंग्लिश मे भी हो तो चलेगी हिन्दी हो तो बेहतर है.कृपया मदद करे.
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April 1, 2008 by lovelykumari
html मे दो तरह के tags होते है एक जिन्हें बंद करने की जरूरत पडती है (जैसे<body></body ),और दुसरे जिन्हें बंद करने की जरूरत नही पडती (जैसे <hr><br>
. आज हम कुछ और टैग के बारे मे जानेंगे सबसे पहले पैराग्राफ टैग.अगर हम सोर्स कोड मे लाइन ब्रेक (Enter key) करेंगे तो इसका हमारे वेब पेज पर कोई प्रभाव नही पडेगा और पुरा पेज सिर्फ़ एक पैराग्राफ का ही होगा .इसे अलग अलग पैराग्राफ मे बाटने के लिए हम<p> टेग का इस्तेमाल करते हैं इसके लिए आपको सारे टेक्स्ट को <p></p> के अंदर डालना होगा.इसके अंदर हम कुछ attribute का इस्तेमाल करते है जैसे align जो text की alignment सेट करता है.इसके possible value होते हैं centre, left और right.उदाहरण देखिये
<html>
<head><title>first page</title></head>
<body>
<p align=”right”>right align.</p>
<p align=”left”>left align </p>
<p align=”center”>centre align</p>
</body>
</html>
इसमे कुछ और भी attribute होते हैं पर फिलहाल हम उन्हें छोड़ रहें हैं.और कुछ महत्वपूर्ण टैग हैं..
१.<br> टैग इसका इस्तेमाल पेज मे तब करते हैं जब वर्तमान लाइन को छोड़ कर उसके तुरंत बाद दूसरी नई लाइन सुरु करनी होती है (बिना पैराग्राफ बदले ).जहाँ लाइन बदलनी हो बस इसे लिख दीजिये इसे बंद करने की जरूरत नही होती</> से.
२.<hr> टैग इसका काम horizontal rule बनाना होता है इसमे आप align ,width और size यह तिन attribute दे सकते है.
३.और एक महत्वपूर्ण टैग है सेक्शन हेडिंग टैग.इसका सिंटेक्स होता है <hn></hn>,यहाँ न १ से लेकर ६ तक कोई भी संख्या रखी जा सकती है.इसका काम होता है.सेक्शन हेडिंग बनाना. उदाहरण देखें
<h1>heading 1</h1>
<h2>heading 2</h2>
आज के लिए इतना ही फ़िर मिलते है कुछ और टैग के साथ.
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March 30, 2008 by lovelykumari
आज सबसे पहले दो बातें, एक तो यह की अब यह ब्लॉग मैंने html को समर्पित कर दिया है,तो इसमे व्यंग, कविता, कहानी लिखना बंद इसके लिए संचिका(http://sanchika.blogspot.com/) मे जायें.और दूसरी बात मैं जब भी किसी नये विषय को पढ़ती हूँ और वह मुझे रुचिकर नही प्रतीत होता तो मेरा मन उब जाता है और मैं उसे “फ़िर कभी पढेंगे” कहकर कभी नही पढ़ती तो मुझे लगता है, अगर इस सिरीज को मैंने ज्यादा क्लिष्ट भाषा मे लिखा तो न माया मिलेगी न राम हाँथ आयेंगे, इसलिए मैं इसमे कुछ बातों का ख्याल खासकर रखूंगी वो यह की इसमे रुचिकर बातें यानि tags पहले बताऊँ.तो आज हम टेक्स्ट फोर्मटिंग के बारे मे जानेंगे जैसे शब्दों का रंग बदलना कद बडा-छोटा करना (साहित्य की तरह आलोचना करके नही,मन मे बुरे विचार न लायें).हाँ तो जैसा की मैंने पहले बताया हमारी सारी फोर्मेटिंग <body> टैग के अंदर होती है .इसमे हम और भी बहुत से टैग डालते हैं जो अपना-अपना काम करती है.tags के बाद आज आपको html के एक नये कांसेप्ट के बारे मे जानना होगा इसे attribute कहते हैं.मान लीजिये आपको अपने पहले web page का रंग बदलना है तो हम <body></body> टैग के साथ bgcolor attribute इस्तेमाल करेंगे निचे लिखी कोडिंग को देखें.
<html>
<head><title>first page</title></head>
<body bgcolor=”blue”>My first web page</body>
</html>
अब इसे कोई भी नाम देकर सेव करें(ध्यान रहे एक्स्टेंसन .html ही होना चाहिए ).अब वेब ब्राउजर मे खोलें आपको अपने पेज का रंग नीला नजर आएगा.यहाँ हमने <body></body> टैग के साथ bgcolor attribute लगाकर कंप्यूटर को यह निर्देश दिया है की हमारे पेज का रंग नीला कर दो (आप और भी बहुत से रंगों का इस्तेमाल कर सकते है).
दूसरा जो attribute है, वह है background attribute.इसका काम है किसी पेज मे background लगना.मान लीजिये आपको कोई तस्वीर अपने पेज को पार्श्व भाग मे लगानी है तो आपको इसका इस्तेमाल करना होगा.उदाहरण देखिये
<html>
<head><title>first page</title></head>
<body background=”c:\a.jpg”>
This is my first web page.
</body>
</html>
यहाँ आपको के साथ जिस भी तस्वीर को आप पार्श्व भाग मे लगाना चाहें उसका पता आपको = चिन्ह देकर ” ” के अंदर लिखना होगा(पता लिखने मे सावधानी बरतें अन्यथा परिणाम नदारद) .
फ़िर हम बात करतें है text atrribute की.इसका काम होता है page मे दिखने वाले शब्दों का रंग बदलना.कोडिंग देखिये
<html>
<head><title>first page</title></head>
<body background=”c:\a.jpg” text=”red”>
This is my first web page.
</body>
</html>
यह आपके पेज के शब्दों का रंग लाल कर देगी.आज के लिए इतना काफी है,ईमानदारी से प्रयास कीजिये यह बिल्कुल भी मुश्किल नही.बाकि अगली बार प्रोगेस बताते रहें.
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March 28, 2008 by lovelykumari
आपकी अच्छी प्रतिक्रिया से हमारा दिल बाग-बाग हो गया.सहयोग के लिए धन्यवाद.और आज से मैं लर्निंग सीरिज की सुरुआत करती हूँ.यह कंप्यूटर भाषा सिखने के लिए आपको किसी भी तामझाम की जरूरत नही बस एक अदद वेब ब्राउजर(इंटरनेट एक्सप्लोरर) और एक टेक्स्ट एडिटर (हमारे प्यारे नोटपेड जैसा ).१.पहले तो आप नोटपेड खोलें (खोलने के लिए जायें start->all programs->accessories->notpad) .
२. यह जो कंप्यूटर भाषा है, element से मिलकर बनती है.और इन को मार्क करने के लिए हम html tags (for eg. <html>,<head> etc) इस्तेमाल करते हैं.html tags, left angle bracket और right angle bracket से मिलकर बनते है .इस भाषा का एक rigid structure होता है.हमारा पुरा वेब पेज <html></html> इन्ही २ tags के बिच लिखा जाना होता है.
३. तो आपने नोटपेड खोल लिया है.आपका पहला वेब पेज बनाने के लिए आपको कुछ जरूरी tags के बारे मे जानना होगा.
पहला तो<html> tag जिसके बारे मे मैं बता चुकी हूँ की यह सबसे जरूरी है और हमारी सारी कोडिंग इसी के अंदर लिखी जायेगी.
दूसरा जरूरी टैग है टाइटल टैग.यह उस शीर्षक को इंगित करता है जो आपको वेब ब्राउजर के टाइटल बार मे नजर आती है,इस दी गई कोडिंग को नोटपेड लिखें और उसे first.html के नाम से सेव करें.
<html>
<head><title>FIRST PAGE</title></head>
<body>My name is (Put your name).this is my first web page.</body>
</html>
४. अब अपने वेब ब्राउजर के फाइल मेनू मे जाकर जहाँ आपने फाइल सेव की है ,वहाँ से उसे खोलें अगर आपको यह दिखाई दे रहा है My name is (Put your name).this is my first web page. तो बधाई आपने अपना पहला वेब पेज बना लिया है.
५.इसमे २ और tags का इस्तेमाल किया गया है एक तो <head></head> जिसमे वेब पेज सम्बन्धी और भी बहुत सी जानकारियां होती है.दूसरा <body></body> जिसमे हम तमाम चीजें रखते हैं जो वेब पेज पर डालनी हो जैसे टेक्स्ट,फोटो और भी बहुत चीजें जो मैं आगे की सीरिज मे बताती जाउंगी.आज के लिए इतना ही आपकी टिप्पणियों का इतिज़ार रहेगा..
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March 27, 2008 by lovelykumari
मैं देख रही हूँ की हिन्दी ब्लोगरों को अपने ब्लॉग की फोर्मेटिंग मे काफी दिक्कतें आती हैं,कारन साफ है वेब पेज बनाने वाली किसी कंप्यूटर लेंग्वेज पर एक भी हिन्दी ब्लॉग उपलब्ध नही है इसलिए मैं हायपर टेक्स्ट मार्कअप लेंग्वेज पर इस ब्लॉग मे लर्निंग सीरिज शुरु करना चाहती हूँ.आप सभी पाठकों से इजाजत चाहिए खासकर सीनियर ब्लोगरों से.और आप कोई सुझाव देना चाहें इस बारे मे तो सादर आमंत्रित है.मुझे आपकी टिप्पणियों का इंतिज़ार रहेगा.
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March 26, 2008 by lovelykumari
वर्डप्रेस की अपेछा ब्लोग्गर पर फीडबर्नर से फीड लगाना या इ-मेल स्ब्क्रिपसन लगाना ज्यादा आसान है.
यहाँ वर्डप्रेस पर फीड लगाने की विधि लिख रही हूँ.१. पहले फीडबर्नर.कॉम खोले.उसमे अपने ब्लॉग का यू.आर.एल टाइप करके नेक्स्ट पर क्लीक करें.
२.फ़िर आपसे फीड टाइटल और फीड का पता भरने के लिए कहा जाएगा.उदाहरण के लिए अगर आपके ब्लॉग का नाम चिठ्ठा हैं तो आपका टाइटल हुआ chiththa और फीड का यू.आर.एल होगा http://feeds.feedburner.com/chiththa.
३.यदि आपका ब्लॉग शीर्षक हिन्दी में दिखाई दे रहा हो तो इसे अंग्रेज़ी में (रोमन) में बदल लें.यह बहुत जरूरी है
४. इस पते को ध्यान से नोट कर सुरक्षित रख लें. जो इस तरह होगा – http://feeds.feedburner.com/chiththa यह आपके फ़ीड का नया पता है. अब एक्टिवेट फ़ीड बटन को क्लिक करें.
५.आपने अब तक अपने चिट्ठे के लिए फ़ीडबर्नर खाता खोल लिया है, फ़ीड बना लिया है.अगले चरण में नेक्स्ट बटन को क्लिक करें.जो आपको अगले पृष्ठ पर ले जायेगा.
इस पृष्ठ पर आप कुछ अन्य विशेषताओं को जोड़ सकते हैं. परंतु इन्हें बाद में भी किया जा सकता है. अतः यहाँ हम कुछ भी नहीं करते हैं और आगे बढ़ने के लिए नेक्स्ट बटन को क्लिक करते हैं.यहाँ पर आपको कई विकल्प मिलते हैं.यहाँ नेक्स्ट पर क्लीक करके publicize बटन पर क्लीक करें,फ़िर चिकलेट चूज़र पर क्लिक करें फिर वहाँ पर सबसे नीचे स्क्रॉल करें. चिकलेट का डिफ़ॉल्ट आइकन नारंगी वर्गाकार ही रहने दें. वैसे तो इसे दर्जनों अन्य उपलब्ध चिकलेटों से भी बदल सकते हैं, बस उसके रेडियो बटन को क्लिक कर. फिर जो कोड आपको दिखाई देगा, उसे कॉपी कर लें.
६.फ़िर आप अपने वर्डप्रेस अकाउंट को खोलें और प्रेजेंटेशन मे जाए,यहाँ widgets पर क्लीक करें.
७.Sidebar Arrangement मे आपको बहुत से option दिखाई देंगे.text1 को drag करके sidebar पर छोड़ दे.
८.configure पर क्लीक करें एक text area दिखाई देगा यहाँ कॉपी किए हुए कोड को पेस्ट कर दें.
उपर्युक्त चरणों को फ़ीड काउंट तथा ईमेल सब्सक्रिप्शन्स के लिए भी दोहराएं.
लीजिए, हो गया आपका चिट्ठा फ़ीड से पूरी तरह बर्न.
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